मौत के बाद भी नहीं मिला चैन — इंदर कुमार की विधवा ने आख़िर किस-किससे लोहा लिया?
एक एक्टर जो ज़िंदगी भर सुर्खियों के हाशिये पर ही रहा, उसकी मौत के बाद अचानक इतनी बातें उठीं कि उसकी पत्नी को मीडिया के सामने आकर हर इल्ज़ाम का जवाब देना पड़ा। यह कहानी उतनी ही दर्दनाक है जितनी उलझी हुई।
26 अगस्त 1973 को जयपुर के एक मारवाड़ी परिवार में एक बच्चे का जन्म हुआ — इंदर कुमार सराफ़। बड़े होकर उसी लड़के ने मुंबई का रुख़ किया, मॉडलिंग से शुरुआत की, और 1996 में मासूम फ़िल्म से आयशा जुल्का के साथ बतौर एक्टर डेब्यू किया। अगले इक्कीस बरसों में इंदर ने खिलाड़ियों का खिलाड़ी, कहीं प्यार न हो जाए, तुमको न भूल पाएंगे, वॉन्टेड जैसी बीस से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया, और एकता कपूर के मशहूर सीरियल क्यूंकि सास भी कभी बहू थी में मिहिर वीरानी के किरदार में भी कुछ वक़्त के लिए नज़र आए। पर 28 जुलाई 2017 को, महज़ तैंतालीस साल की उम्र में, अंधेरी स्थित अपने घर में दिल का दौरा पड़ने से इंदर कुमार का निधन हो गया। यह ख़बर उस वक़्त इंडस्ट्री के लिए किसी झटके से कम नहीं थी, क्योंकि सलमान ख़ान के सबसे क़रीबी दोस्तों में गिने जाने वाले इंदर की मौत इतनी अचानक हुई थी।
तीन शादियां, एक लंबा रिश्ता, और वो सवाल जो कभी ख़त्म नहीं हुए
इंदर की निजी ज़िंदगी शुरू से ही उलझनों भरी रही। 2003 में उन्होंने अपने मेंटर राजू करिया की बेटी सोनल करिया से शादी की, पर यह रिश्ता महज़ पांच महीनों में टूट गया — उस वक़्त सोनल अपनी पहली बेटी खुशी की गर्भवती थीं। इसके बाद इंदर का नाम अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर के साथ जुड़ा, जिनके साथ उनका रिश्ता कोई ग्यारह-बारह साल तक चला, टूटता-जुड़ता रहा। सार्वजनिक रिकॉर्ड्स के मुताबिक़ 2009 में इंदर ने मॉडल कमलजीत कौर से भी शादी की थी, जो कुछ ही महीनों में ख़त्म हो गई। और आख़िर में 2013 में उन्होंने पल्लवी सराफ़ से शादी की, जिनसे उन्हें एक बेटी हुई। हालांकि इंदर की मौत के बाद पल्लवी ने एक इंटरव्यू में यह दावा किया कि कमलजीत कौर से कोई शादी हुई ही नहीं थी — यह बात कई सार्वजनिक जीवनी-स्रोतों में दर्ज तथ्यों से मेल नहीं खाती, इसलिए इस पर अलग-अलग राय मौजूद है।
2014 में इंदर कुमार की ज़िंदगी में एक बेहद गंभीर मोड़ आया, जब एक तेईस साल की मॉडल की शिकायत पर उन्हें रेप और मारपीट के इल्ज़ाम में गिरफ़्तार किया गया। उस दौर की रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पीड़िता के मेडिकल टेस्ट में चोट के निशान मिलने की बात भी सामने आई थी। इंदर ने पूछताछ में यह कहा कि रिश्ता आपसी सहमति से बना था, बलात्कार का कोई सवाल नहीं। कुछ ही हफ़्तों बाद उन्हें ज़मानत मिल गई। यह मामला उनके करियर पर गहरा असर छोड़ गया — कहा जाता है कि इसके बाद इंडस्ट्री के कई लोगों ने उनसे दूरी बना ली।
पल्लवी का बचाव, और वो इंटरव्यू जिसने कई पुरानी बातें साफ़ कीं
इंदर की मौत के कुछ ही दिनों बाद पत्रकार विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में पल्लवी सराफ़ ने कई अफ़वाहों का सीधा जवाब दिया। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि इंदर की आर्थिक हालत ख़राब होने, उनके डिप्रेशन में होने, नशे या शराब की लत में होने की बातें बिल्कुल बेबुनियाद हैं — उनके मुताबिक़ इंदर सिर्फ़ दिन में पांच सिगरेट पीते थे और शराब बरसों पहले ही छोड़ चुके थे। पल्लवी ने यह भी बताया कि इंदर की गाड़ी आज भी उनकी बिल्डिंग के पार्किंग में खड़ी है, यह दावा ग़लत है कि पैसों की तंगी में उन्हें कार बेचनी पड़ी थी। हालांकि पल्लवी ने यह माना कि लंबे समय तक इंदर के हाथ में काम नहीं था।
पल्लवी ने उस रात का हाल भी साझा किया जब इंदर का निधन हुआ — उनके मुताबिक़ इंदर शाम सात बजे ही सो गए थे, रात क़रीब ग्यारह बजे जब पल्लवी कमरे में गईं तो उन्हें सांस लेने में तकलीफ़ महसूस हुई। पल्लवी ने सीपीआर देने की कोशिश की, पड़ोसियों को बुलाया, कोकिलाबेन अस्पताल ले गईं, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि यह एक गंभीर कार्डियक अरेस्ट था।
पल्लवी ने इंटरव्यू में सोनल करिया और ईशा कोप्पिकर पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि सोनल ने इंदर की मौत के बाद ही उन्हें नशेड़ी, शराबी और पत्नी पर हाथ उठाने वाला बताना शुरू किया, जबकि यह सब बातें अगर सच होतीं तो सोनल इतने सालों तक चुप क्यों रहीं। पल्लवी ने यह भी कहा कि इंदर और सोनल की शादी एक अरेंज्ड मैरिज थी, जिसमें दोनों के बीच कोई गहरा भावनात्मक जुड़ाव कभी नहीं रहा, और यह शादी शुरू से ही एक मिसमैच साबित हुई। वहीं ईशा कोप्पिकर के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने इंदर की मौत को उनकी बुरी आदतों से जोड़ा था, पल्लवी ने सवाल उठाया कि अगर यह बात सच थी तो ईशा बारह साल तक उसी रिश्ते में क्यों रहीं।
सलमान ख़ान वाली अफ़वाह, और वो आख़िरी विदाई
इंदर की मौत के बाद एक और अफ़वाह ज़ोर पकड़ने लगी — कि सलमान ख़ान उनके अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे, इसलिए शायद दोनों की दोस्ती उतनी गहरी नहीं थी जितनी बताई जाती थी। पल्लवी ने इस पर तल्ख़ प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि किसी के अंतिम संस्कार में मौजूद न होने का मतलब यह नहीं कि रिश्ता कमज़ोर था — सलमान ख़ान और इंदर पंद्रह-बीस साल से गहरे दोस्त थे, और सलमान ने वो सब निभाया जो एक बड़ा भाई करता है, भले ही वह सब कुछ पब्लिक में न आया हो। पल्लवी ने यह भी साफ़ किया कि अंतिम संस्कार में लोग कम आने या रिश्तेदारों के न आने की बातें भी ग़लत हैं — इंदर के भाई ने ही मुंडन कराकर उनकी चिता को मुखाग्नि दी थी।
पल्लवी ने अपनी और इंदर की प्रेम कहानी भी साझा की — कि वो दोनों पुराने दोस्त थे, दिल्ली शिफ़्ट होने के बाद भी संपर्क में रहे, एक फ़ंक्शन में मुलाक़ात के बाद इंदर ने ख़ुद उनसे रिश्ते को आगे बढ़ाने की बात कही, और सोनल से तलाक़ के बाद पल्लवी ने अपने सबसे अच्छे दोस्त से ही शादी करने का फ़ैसला किया। उन्होंने इंदर के रोज़मर्रा के स्वभाव के बारे में भी बताया — कि वो पार्टियों से दूर रहते थे, रात आठ बजे सोकर सुबह पांच बजे उठ जाते थे, अच्छा खाना बनाना और खाना दोनों पसंद करते थे, ख़ासकर बिरयानी में उनका हाथ माना जाता था, और भगवान पर उनकी गहरी आस्था थी।
खैर, यह तो सबको पता है कि किसी की मौत के बाद उसकी निजी ज़िंदगी को लेकर तरह-तरह की बातें उड़ना कोई नई बात नहीं। पर इंदर कुमार के मामले में यह सिलसिला कुछ ज़्यादा ही खिंच गया — शायद इसलिए क्योंकि उनकी ज़िंदगी में इतने उतार-चढ़ाव थे कि हर किसी के पास कहने को अपनी एक अलग कहानी थी। पल्लवी का दर्द अपनी जगह सच्चा था, यह बात उस इंटरव्यू को पढ़कर साफ़ महसूस होती है — एक विधवा जो अपने पति की यादों को बचाने की आख़िरी कोशिश कर रही थी, उन सारी बातों के बीच जो शायद उसके क़ाबू में कभी थीं ही नहीं।